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टिहरी झील पर रैबार 2 में हुआ विचारों का मंथन। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया संबोधित। देश और विदेश से आई हस्तियों ने उत्तराखंड के विकास के लिए रखे सुझाव।

रैबार 2 में सीएम योगी बोले, उत्तराखंड स्विट्जरलैंड से कम नहीं

Nov 3, 2019

रैबार 2 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो पेड़ जड़ों से हिल जाते हैं, वे ज्यादा समय तक हरे-भरे नहीं रहते। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना के 19 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने उत्तराखंड के विकास के लिए प्रदेश की मौजूदा सरकार की तारीफ की और यहां के दिग्गजों से कहा कि वे रिटायर होने के बाद गांव में ही आकर बसें। 

33 साल बाद टिहरी आया हूं: योगी

योगी ने कहा,  '1986 में मैं टिहरी आया था और आज मुझे लगभग 33 वर्षों के बाद यह अवसर मिला है और इसके लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का आभारी हूं। रैबार 2 अपनी भूमि से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। उत्तराखंड के चार धाम के प्रति पूरी दुनिया के श्रद्धालु न सिर्फ अपनी आस्था रखता है बल्कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां भी इसी भूमि की देन हैं। अकेले गंगा और यमुना मां का क्षेत्र पूरी दुनिया का पेट भरने की क्षमता रखता है। इसका श्रेय उत्तराखंड को जाता है।'

सीएम योगी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग जहां भी गए हैं, वहां की समृद्धि में जी जान से सहयोग किया। सेना में उत्तराखंड के सपूत हमारे देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। अविभाजित यूपी में यहां के कई मुख्यमंत्री हुए हैं। 19 वर्षों में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ा है। मौजूदा नेतृत्व ने प्रदेश को जिस ऊंचाई पर पहुंचाने की योजना बनाई है, वह अभिनंदनीय है। 

उत्तराखंड स्विट्जरलैंड से कम नहीं

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड न केवल फिल्म शूटिंग बल्कि हर प्रकार के पर्यटकों के लिए बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि एक बार यहां के सीएम ने कैबिनेट की मीटिंग टिहरी झील पर की थी। इतना सुंदर जगह और वातावरण है, यह डल झील से कम नहीं है। यहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं और स्विट्जरलैंड पीछे छूट जाएगा।' 

उन्होंने कहा कि इसी उत्तराखंड में मैंने जन्म लिया और शिक्षा अर्जित की। टिहरी से मैंने हाईस्कूल पास किया था। यहां के हर गांव और घाट से जुड़ा रहा हूं। आज मैंने नई टिहरी को देखा। आज यहां का विकास दिखता है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए सकारात्मक सोच होनी चाहिए और इसी से उत्तराखंड विकास की ओर बढ़ रहा है।

यूपी के सीएम ने कहा कि कौन ऐसा व्यक्ति होगा, जिसने उत्तराखंड में जन्म लिया हो और इसके विकास के बारे में न सोचता हो। उन्होंने कहा, 'भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा था, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी, अर्थात जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। जननी और जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता। भगवान राम हमारे आदर्श हैं और हमें इस बात को ध्यान में रखना होगा। हम सभी को उत्तराखंड के विकास में जुड़ना होगा। यह संभव तभी होगा जब हम पहाड़ से पलायन को रोक सकें।'

उन्होंने कहा कि इतने सुंदर क्षेत्र को छोड़कर हम शहरों में जाते हैं लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखता है। आज गांवों में सड़क, अस्पताल, बिजली, शिक्षा के संस्थान और रोजगार भी पहुंच रहा है। टिहरी भी अपने आप में पर्यटन का केंद्र बन सकता है। जो नौकरी मैदान में नहीं मिलेगी, वह खूबसूरत वादियों में है। थोड़ी सुविधा के लिए अगर हम गांव को छोड़ रहे हैं तो हम आने वाली पीढ़ियों के साथ ही, देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1962 से पहले जब कोई सुविधा नहीं थी तब भी लोग वहां रहे थे और देश की सुरक्षा में अपना योगदान दिया था। आज तो काफी चीजें बेहतर हो गई हैं। 19 वर्षों की विकास यात्रा अद्भुत है। 

रिटायर्ड लोग पहाड़ पर आकर रहें: CM योगी

योगी ने कहा कि जो लोग रिटायर हो गए हैं, उन्हें यहां आकर रहना चाहिए। लोगों को समझाना चाहिए कि पलायन से काम नहीं चलेगा। सोलर पावर, विंड पावर और टूरिज्म जैसे क्षेत्र में हम काफी काम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की प्रेरणा से हमने बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाई। आज वहां 5 फीट नहीं 50 फीट का रास्ता मिलेगा। मां गंगा तक जाने के लिए रास्ता भी हम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी में 300 पुराने घर थे, जब हमने सुंदरीकरण की बात बताई तो उन्होंने स्वेच्छा से अपने हर हटाने के लिए दे दिए। 

उन्होंने बताया कि पहले काशी के मंदिरों के फूल को फेंक दिया जाता था लेकिन अब उसे इकट्ठा कर इत्र, अगरबत्ती आदि महिलाएं बना रही हैं। इससे महिलाएं 6,000 रुपये से 10 हजार तक रुपये कमा रही हैं। इससे नक्सल बेल्ट की महिलाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ में आज 100 गाइड काम कर रहे हैं, जिन्हें अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत का ज्ञान है और उसके लिए काशी मंदिर ट्रस्ट पर बोझ भी नहीं पड़ा है। 

योगी ने कहा कि पहले कई मामले थे जो यूपी और उत्तराखंड को लेकर कोर्ट में पहुंच गए थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत सीएम बने तो हमने मिलकर 2018-19 में यूपी से 2331 करोड़ रुपये का भुगतान उत्तराखंड को कराया। इस वर्ष के अंत तक हम पूरा भुगतान कर देंगे। यूपी के खाद्य, मत्स्य, ऊर्जा विभाग से उत्तराखंड सरकार को भुगतान करने के प्रयास हो रहे हैं। संवाद के जरिए ही यह सब संभव हुआ है। 

सीएम योगी ने कहा कि हमें अपने जड़ों से जुड़ना है और रैबार जैसे कार्यक्रम हर जनपद में होने चाहिए। इस कार्यक्रम के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तराखंड सरकार के मंत्री धन सिहं रावत, सुबोध उनियाल, आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत और आयोजन से जुड़े मंजीत नेगी को धन्यवाद दिया।

आलोक जोशी ने भी रखी अपनी बात

इससे पहले NTRO के पूर्व चीफ आलोक जोशी ने कहा कि पिछले रैबार में मैं सोच रहा था कि मैं उत्तराखंड के लिए क्या कर सकता हूं। मुझे ध्यान था कि मैं 12 महीने में रिटायर होने वाला था। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर की बात की और वह पूरा हो गया है। इस संदर्भ में सीएम से गुजारिश की थी और आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि ड्रोन सेंटर का सपना पूरा हो गया है। अब सरकार को अलग-अलग क्षेत्रों में अब इसका इस्तेमाल बढ़ाना होगा। आगे चलकर सेना समेत कई क्षेत्रों में ड्रोन की उपयोगिता बढ़ेगी। 

उन्होंने सीएम को सुझाव देते हुए कहा कि डेटा सेंटर बनाने के लिए भी प्रोग्राम रखना चाहिए जिससे सभी जिलों के डेटा एक प्लैटफॉर्म पर मिल सके। सही लाभ सही लोगों को मिले, इसमें भी डेटा का अच्छा उपयोग होगा। आलोक जोशी ने कहा कि मैं यहां आमंत्रित किए जाने को लेकर राज्य सरकार का आभारी हूं। 

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