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देहरादून में इंडिया ड्रोन फेस्टिवल-2019 का शुभारम्भ, पद्मश्री बसंती देवी बिष्ट ने जागर गायन से दिया अपनी जड़ों की ओर लौटने का रैबार, संतुलन के साथ सबका विकास, रैबार से विकास का आगाज, एकजुट-एकमुठ होकर आगे बढ़े युवा उत्तराखंड, सामूहिक चिंतन से ही निकलेगी विकास की राह, पर्यटन व संस्कृति बन सकते हैं विकास की धुरी, उत्तराखंड ही बने भावी पीढ़ी का भाग्यनिर्माता, हिमालयन डेवलपमेंट का नया मॉडल लाया जाए, निर्धारित आय न होने से बढ़ा पलायन, शिक्षा से पलायन रोकने का अभिनव प्रयास।

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एक रैबार अप्रवासी उत्तराखंडियों को

रैबार, पहाड़ को समर्पित पत्रिका एवं वेबसाइट हिल-मेल का वैचारिक मंच है। हिल-मेल फाउंडेशन एक थिक़ टैंक है, जिसने साल 2017 में देहरादून में रैबार के पहले संस्करण का सफल आयोजन किया। अब इसका दूसरा संस्करण रैबार-2019 आयोजित किया जा रहा है। एक दिन का यह वैचारिक मंथन टिहरी में 03 नवंबर 2019 को होगा। हिल-मेल के इस विचार मंथन में शामिल होने के लिए कोई शुल्क नहीं है लेकिन इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

पहाड़ की इकॉनोमी, निवेश, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, भविष्य की संभावनाओं, युवाओं और पर्यावरण के हर पहलू को समर्पित इस सम्मेलन में इन क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया जाएगा। इसमें शासन-प्रसाशन, नीति निर्धारकों, रक्षा-सुरक्षा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों, सिविल सोसायटी और व्यापार जगत से जुड़े लोगों के साथ खुली चर्चा की जाएगी। कला एवं रंगमंच, साहित्य, फिल्म एवं संगीत जगत से जुड़े पहाड़ के लोगों के साथ भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

साल 2019 के आयोजन में विदेश में सफलता की कहानी लिख रहे पहाड़ के सपूतों को शामिल करने की योजना है। रैबार का पहला संस्करण काफी चर्चित और सकारात्मक नतीजे देने वाला रहा था। रैबार 2017 के समापन के मौके पर एक विजन डॉक्यूमेंट भी पेश किया गया था। रैबार मंथन के बाद उत्तराखंड को देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, कोस्टगार्ड भर्ती केंद्र मिला। कई केंद्रीय परियोजनाओं को राज्य में जमीन पर उतारने में तेजी आई। विचार-विमर्श से निकले सुझावों को अमल में लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार पहल की गई।

रैबार के पहले संस्करण में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्य कैबिनेट के सदस्य, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, प्रधानमंत्री के सचिव भास्कर खुल्बे, रेलवे बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अश्विनी लोहानी, कोस्ट गार्ड के तत्कालीन महानिदेशक राजेंद्र सिंह, एनटीआरओ के प्रमुख रहे आलोक जोशी, प्रख्यात संगीतकार प्रसून जोशी समेत तमाम शख्सियतों ने हिस्सा लिया।

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