ये रैबार मंथन से निकले अमृत का असर है कि गैस अथॉरिटी आॅफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने उत्तराखंड के गढ़वाल-कुमाऊं मंडल में श्रीनगर और अल्मोड़ा में दो उत्कर्ष सुपर-100 केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के साथ एमओयू साइन किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर राज्य के गरीब परिवारों के होनहार बच्चे अब प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और अन्य शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए सीएम रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत तथा गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बीसी त्रिपाठी की उपस्थिति में गेल (इंडिया) की कार्यकारी निदेशक वंदना चानना तथा सेंटर फॉर सोशल रिस्पांसबिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) के निदेशक एसके शाही ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री ने गेल उत्कर्ष सुपर 100 की शुरूआत के लिए गेल के सीएमडी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के मेधावी छात्रों को उच्च तकनीकी संस्थानों में प्रवेश हेतु प्रशिक्षण के लिये गेल द्वारा प्रतिवर्ष 2.50 करोड़ की धनराशि व्यय किए जाने तथा उच्च तकनीकी संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को 5 हजार प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिया जाना निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। उत्तराखंड के गठन के 17 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हिल-मेल ने राज्य सरकार के साथ मिलकर देहरादून में एक दिन की विचार गोष्ठी रैबार- 17 साल उत्तराखंड का आयोजन किया था। उसमें शामिल प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी ओर से राज्य के साथ काम करने का भरोसा दिलाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा जन्मजात होती है, कुछ बच्चों में प्रतिभा अंदर छिपी होती है, उसे उभारने की जरूरत है। परिश्रम या मेहनत के गुण भी सभी के अंदर है। इसका भरपूर उपयोग कर हम जो चाहे प्राप्त कर सकते है। परिश्रम से परिणाम भी निश्चित रूप से अच्छे आएंगे। हम राज्य के प्रतिभावान छात्रों को आगे बढ़ने के बेहतर रास्ते तलाश रहे हैं। प्रतिभाओं की गुणवत्ता की पहचान के लिये अच्छे योजक की जरूरत रहती है। अच्छा योजक ही अच्छा प्रबंधन कर सकता है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे संकोच की प्रवृत्ति को त्यागे अपने मन की भावनाओं को व्यक्त करें। यदि इसके लिये चिल्लाना भी पडे, तो भी अपनी बात रखें, तभी जिस लक्ष्य को लेकर वे आगे बढ़ेंगे, उसमें सफल हो सकेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने रेल टेल आकांक्षा सुपर 30 के छात्रों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर गेल के सीएमडी बीसी त्रिपाठी ने कहा कि देश की अग्रणी प्राकृतिक गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तराखंड में सक्रिय रूप से कई सीएसआर कार्यों का क्रियान्वयन किया है। इन दो केंद्रों की स्थापना गेल की उत्कर्ष परियोजना के तहत की गई है, जो गेल का फ्लैगशिप सीएसआर कार्यक्रम है तथा जिसका लक्ष्य हाशिए के समुदायों के होनहार विद्यार्थी है। दोनों नए केंद्रों में 50-50 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा, पहले हमारे बच्चे कोटा कोचिंग के लिये जाते थे, लगभग इसमें 3 लाख रुपये का खर्च आता था। गेल उत्कर्ष सुपर 100 के अंतर्गत श्रीनगर व अल्मोड़ा के 50-50 छात्रों को उच्च तकनीकी संस्थाओं में प्रवेश हेतु प्रशिक्षित किये जाने से पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि उच्च तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के बाद छात्रों को लगभग 2.50 से 3 लाख तक की धनराशि की आवश्यकता होती है। इसके लिये छात्रों को सहकारिता विभाग के माध्यम से अन्य बैंको की ब्याज दर से एक प्रतिशत कम ब्याज दर पर धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। देहरादून में एनडीए के लिये 50 छात्रों को प्रशिक्षित करने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसमें 10 सीट शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए निर्धारित रहेगी। सभी जनपद मुख्यालयों के डिग्री कॉलेजों में आईएएस एवं आईपीएस कोचिंग भी संचालित की जायेगी। जिसमें सम्बंधित जिले के जिलाधिकारी भी सप्ताह में एक दिन छात्रों को पढ़ाएंगे। इनमें से 50 छात्रों को सलेक्ट कर देहरादून व दिल्ली में कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से कम आय वाले 100 छात्रों को रिसर्च के लिए तैयार किया जाएगा। इसकी विषय सामग्री राज्य सरकार निर्धारित करेगी। इससे प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने व उन्हें प्रदेश के विकास से जोडने में मदद मिलेगी।












