आज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सूचना प्रौद्योगिकी भवन, आईटी पार्क, देहरादून में इंडिया ड्रोन फेस्टिवल-2019 का शुभारम्भ किया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां ड्रोन फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस ड्रोन फेस्टिवल में 21 राज्यों से लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो रहा है। सुरक्षा, सर्वे, आपदा के समय इस्तेमाल, स्वास्थ्य, क्राउड कंट्रोल, रेलवे लाईनों, नदियों की देख-रेख के आदि महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आधुनिक तकनीक जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित हो रही है।
देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इसके लिए उन्होंने एनटीआरओ के पूर्व अध्यक्ष आलोक जोशी के प्रयासों की भी सराहना की। देहरादून में उत्तराखंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई एसोसिएशन का गठन भी हुआ है।

2017 के रैबार कार्यक्रम में एनटीआरओ के निवर्तमान चेयरमैन आलोक जोशी ने कहा था कि हम देहरादून में ड्रोन एप्लीकेशंस सेंटर खोलेंगे। ड्रोन के क्षेत्र में हम आज अगर इनवेस्टमेंट करते हैं, तो आगे बहुत इसका उपयोग होने वाला है। चाहे वह टूरिज्म हो या फिर डिजास्टर मैनेजमेंट के क्षेत्र में।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इस तरह के जो भी आयोजन राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे हंै, उनमें प्रदेश के युवाओं को शामिल किया जा रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, इस तरह के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर वे देश व प्रदेश कि तरक्की के लिए अहम भूमिका निभायेंगे। इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं व तकनीकी शिक्षा में बड़ा फायदा होगा व रोजगार के साधन बढ़ेंगे।












