शिव बहुगुणा, कारोबारी, मस्कट
मैं टिहरी का रहने वाला हूं और पिछले 15-16 साल से मस्कट में रह रहा हूं। रैबार जैसे प्रोग्राम राज्य ही नहीं, जिले या ब्लॉक स्तर पर शुरू होने चाहिए। हमें दुनिया को यह बताने में गर्व होता है कि हम देवभूमि से हैं। जब लोग पूछते हैं कि आप कहां से हैं तो मैं कहता हूं कि गढ़वाल से हूं और मुझे यह बताने में बहुत प्रसन्नता होती है। लेकिन सवाल इस बात का है कि आज इस प्रदेश को कैसे उत्तम प्रदेश बनया जाए।
हमारे यहां किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, लोगों की कमी नहीं है, इंटेलीजेंस की कमी नहीं है, बस पहल का अभाव है। हमारे बीच एक से एक लोग मौजूद हैं जिन्होंने अपने अपने क्षेत्र में बहुत नाम कमाया है लेकिन समस्या इस बात से है कि इससे जोड़ें कैस? रैबार के इस मंच पर वक्ताओं ने बहुत अच्छी बातें कही हैं, मेरा सुझाव यह है कि अगर किसी राज्य को प्रगति की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है तो उसका एक ही माध्यम है पर्यटन।
आप मीडिया के माध्यम से जानते होंगे कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जितने देशों में गए, उन्होंने भारत के पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश की। पर्यटन को बढ़ावा देने से हमें कई फायदे होते हैं इससे पलायन रुकता है। हमारा प्रदेश दो मंडलों में बंटा हुआ है गढ़वाल मंडल और कुमांऊ मंडल और इन दो मंडलों के अंदर 13 जिले हैं, 96 ब्लॉक हैं। मेरा सुझाव यह है कि अगर हर एक ब्लॉक में हम टूरिज्म हब बनाएं तो उससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें सरकार की फंडिंग भी जरूरी नहीं है बल्कि इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से किया जा सकता है।












