जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री माननीय त्रिवेंद्र सिंह रावत जी और राज्य कैबिनेट के मंत्रियों, तमाम अतिविशिष्ट लोगों के साथ ही हमारे बीच 30 नारियां और वीर माताएं मौजूद हैं। यह मौजूदगी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड के जवानों ने भारत की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए हैं। सन 1962 से लेकर हाल में कश्मीर में जो आतंकी गतिविधियां चल रही हैं, उन्हें नाकाम करने के लिए हमारे उत्तराखंड के सैनिकों ने जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसे हम कभी भूल नहीं सकते। रैबार के द्वितीय चरण के आयोजन के लिए मैं मुख्यमंत्री जी और उनके अनेक सहयोगियों को धन्यवाद देना चाहता हूं।
मुझे यह देखकर बहुत खुशी मिलती है कि उत्तराखंड बड़ी तेजी से प्रगति कर रहा है। जैसा कि मुख्यमंत्री जी ने बताया कि जिस चीज को हम विनाश के लिए माना करते थे, आज उसी चीज को प्रगति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे चीड़ की पत्ती को इस्तेमाल में लाया जा रहा है। कई औषधियां हैं, जिसे पहले लोग नष्ट कर दिया करते थे। पर्यावरण और पर्यटन के लिए तेजी से कार्रवाई हो रही है। सबसे अव्वल, हमारे नौजवानों को जिस तरह से नौकरी दिलाने के लिए प्रयास हो रहे हैं, उसके लिए मैं मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को धन्यवाद देना चाहता हूं।
उत्तराखंड के निवासी या जिनका यहां से नाता है, मैं यकीन के साथ कहता हूं कि वे मानते होंगे कि इस दुनिया में अगर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है। इसलिए हमें अपने उत्तराखंड को सही तरीके से प्रगति की दिशा में ले जाना है। भारतीय सेना की ओर से हम लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे यहां प्रगति हो। हाल ही में यहां जो चीन की सीमा से लगे इलाके हैं, वहां अखरोट और चिलगोजे की खेती, टेलीकम्युनिकेशन, सड़क निर्माण की सुविधा दे रहे जहां-जहां हमें कनेक्टिविटी करनी है चाहे वह सड़क हो, रेल हो या हवाई संपर्क हम उसमें पूरा सहयोग देंगे।
मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी होती है कि उत्तराखंड में जो भी कोई कार्यक्रम होता है, उसमें भारतीय सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं को सदा सम्मानित किया जाता है इसलिए आज इस मंच पर खड़े होकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। आज भी हम वीर माताओं को यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों द्वारा सम्मानित कर रहे हैं। हमारे लिए इससे बढ़कर और कोई सम्मान नहीं हो सकता।
उत्तराखंड भारतीय सेना में लगातार बहादुर नौजवानों को तैनात करता आया है। मुझे यकीन है कि आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड के जवान कभी पीछे नहीं हटेंगे, दुश्मन और आतंकवाद का निडरता से सामना करते रहेंगे भले ही हमें वीरगति क्यों न प्राप्त करनी पड़े। उत्तराखंड के नौजवान, यहां की नारियां कभी भी दुश्मन का सामना करने से पीछे नहीं हटते इसके लिए हमें आप सब पर गर्व है। मैं यह नहीं कहता कि दूसरे राज्यों के सैनिक अपना काम बखूबी नहीं कर रहे हैं, वे भी अपना काम अच्छे से कर रहे हैं लेकिन उत्तराखंड ने हमारी सेना को जिस तरह से वीर सपूत दिए हैं, उनके साथ किसी अन्य इलाके की तुलना नहीं की जा सकती है। इस कार्यक्रम में हमें आमंत्रित करने और हमारे वीर सेनानियों को सम्मानित करने के लिए धन्यवाद।
जय हिंद, जय भारत, जय उत्तराखंड।












