भारतीय सेना की इको टास्क फोर्स पिथौरागढ़ में 50 हजार अखरोट के पेड़ लगाने जा रही है। इसके साथ ही चमोली के गोपेश्वर व जोशीमठ में भी अखरोट के उन्नत प्रजाति के पेड़ लगाए जा रहे हैं। इको टास्क फोर्स द्वारा हिमाचल की उन्नत प्रजाति के सेब के पौधे राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से 28 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास में सेना की इको टास्क फोर्स के कर्नल वेद व्रत वैद्य ने शिष्टाचार भेंट की और इस बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री को यह बात बताई।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को कर्नल वेद व्रत वैद्य ने बताया कि सेना की इको टास्क फोर्स के 458 जवानों द्वारा कुमाऊं मंडल में तथा 459 जवानों द्वारा गढ़वाल मंडल में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही रिस्पना नदी व अन्य जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण व वृक्षारोपण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में उन्नत प्रजाति के अखरोट, सेब व अन्य फलदार वृक्षों के रोपण को प्रोत्साहित कर रही है। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि के साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी होगा।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रैबार में अपने संबोधन में कहा था कि सरहद से सटे कई ऐसे क्षेत्र पहाड़ में हैं, जो पर्यटन के लिए नहीं खुल पाए हैं। उन्हें खोले जाने की आवश्यकता है। मगर पर्यटन को बढ़ाते हुए संस्कृति को बचाने पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा उन्होंने पहाड़ों में फलदार पेड़ों को लगाने की भी वकालत की थी और उसी का परिणाम है कि आज इको फोर्स द्वारा गढ़वाल और कुमाऊं के कई इलाकों में फलदार पेड़ लगाये जा रहे हैं।












