पहाड़ के बेटे-बेटियों को अपनी जड़ों की ओर लौटाने के संकल्प के साथ आज रैबार 2 का आयोजन टिहरी झील पर हो रहा है। पहले सत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन भाषण दिया। इसके बाद आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश के विकास में सेना हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने कुछ विकास की बातें भी बताईं जिसमें सेना और वायुसेना सहयोग कर रही है।
हिल-मेल की इस अद्भुत पहल में इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तराखंड के सपूत योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने काशी में मंदिर से जुड़ी अपनी सरकार की पहल की बात करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड की प्रगति में हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि अलग राज्य बनने के बाद कुछ विवाद थे, जिसको लेकर मामला कोर्ट में पहुंच गया था लेकिन त्रिवेंद्र सिंह की सरकार के समय में इसे संवाद के जरिए सुलझा लिया गया और पेमेंट भी किया जा रहा है।
दरअसल, ‘रैबार’ मंच देश के कोने-कोने और विदेश में जा बसे उत्तराखंडियों को माटी के फिर पास लाने की एक पहल है। इसके माध्यम से उत्तराखंड की उन हस्तियों से संवाद का मौका मिल रहा है, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपना एक मुकाम हासिल किया है। जिनके हौसले बुलंद हों, स्वभाव शीतल हो और अविरल वेग से काम करने की लगन हो तो फिर ऐसे उत्तराखंडियों की कहानी सबको पता भी चलनी चाहिए। इस नेक पहल का मकसद एक ही है, पहाड़ के बेटे-बेटियों के साथ पहाड़ों की बात।
यह छोटी सी कोशिश है जिससे आज की युवा पीढ़ी उत्तराखंड को नई पहचान दिलाने वाले अपने वरिष्ठजनों से प्रेरणा ले सके। यह जड़ों की ओर लौटने का प्रयास भी है। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए हमें यकीन है कि रैबार में सामूहिक संवाद से विकास की नई धारा निकलेगी। पर्यटन की असीम संभावनाओं वाले उत्तराखंड से पलायन रुकेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा है कि प्रगति के नए पथ पर आगे बढ़ रहे उत्तराखंड को अपने उन सभी सपूतों के अनुभव और मार्गदर्शन की आवश्यकता है, जो देश-विदेश में अपनी प्रतिभा के बल पर भारत की उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय लिख रहे हैं। उत्तराखंड राज्य 9 नवंबर को अपनी स्थापना के 19 साल पूरे करने जा रहा है।
किसी ने क्या खूब लिखा है-
बड़ा भोला बड़ा सादा बड़ा सच्चा है,
तेरे शहर से तो मेरा गांव अच्छा है।
रैबार 1 में क्या कुछ हुआ
रैबार 2017 के बाद उत्तराखंड को देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, कोस्टगार्ड भर्ती केंद्र मिला। कई केंद्रीय परियोजनाओं को राज्य में जमीन पर उतारने में तेजी आई। विचार-विमर्श से निकले सुझावों को अमल में लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार पहल की गई।
(रैबार 1 की एक झलक)
पहले संस्करण में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, प्रधानमंत्री के तत्कालीन सचिव भास्कर खुल्बे, रेलवे बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अश्विनी लोहानी, कोस्ट गार्ड के तत्कालीन महानिदेशक राजेंद्र सिंह, एनटीआरओ के प्रमुख रहे आलोक जोशी, प्रख्यात संगीतकार प्रसून जोशी समेत तमाम शख्सियतों ने हिस्सा लिया था।
आज कितने बजे क्या होगा

दोपहर 1:30 से 2:30 बजे के बीच लंच के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होगा। 3 बजे दूसरे सत्र में ‘उत्तराखंड- मेरा पहाड़ मेरा योगदान’ विषय पर बात होगी। इस दौरान सवाल-जवाब भी होंगे। 4:30 बजे चाय के बाद समय होगा पुरस्कार वितरण का। 5:30 बजे उत्तराखंडी बैंड पांडवाज म्यूजिकल अपनी प्रस्तुति देगा। डिनर के साथ ही रैबार-2 का समापन हो जाएगा।












