Home Raibaar Summit एनडीएमए के सदस्यों ने उत्तराखंड आपदा प्रबंधन के मंत्री डा. धन सिंह रावत से की मुलाकात, धौलीगंगा-ऋषिगंगा आपदा के अध्ययन हेतु विशेषज्ञों के दो दल रवाना
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एनडीएमए के सदस्यों ने उत्तराखंड आपदा प्रबंधन के मंत्री डा. धन सिंह रावत से की मुलाकात, धौलीगंगा-ऋषिगंगा आपदा के अध्ययन हेतु विशेषज्ञों के दो दल रवाना

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्यों लेफ्टिनेंट जनरल सैययद अता हसनैन एवं राजेन्द्र सिंह ने आज उत्तराखंड आपदा प्रबंधन के मंत्री डा. धन सिंह रावत से मुलाकात की। 

राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में आज बीजापुर अतिथि गृह में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य में आने वाली आपदाओं से निपटने हेतु ठोस रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। 

बैठक में आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से एक आपदा प्रबंधन शोध संस्थान की स्थापना करने के साथ ही दो एयर एम्बुलेंस की मांग का निर्णय लिया गया। विगत दिनों जनपद चमोली के ऋषि गंगा-धौली गंगा में आई आपदा के पहलुओं का अध्ययन करने हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) भारत सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम के सदस्यों ने भी बैठक में प्रतिभाग किया। 

विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समय-समय पर राज्य में आने वाली आपदाओं निपटने के लिए विशेषज्ञों द्वारा अपने-अपने सुझाव रखे। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए एक शोध संस्थान की नितांत आवश्यकता है। जिसमें हर तरह की आपदा से निपटने के लिए शोध कार्य किये जायेंगे। इसके अलावा सूबे के 11 पर्वतीय जिलों में आने वाली आपदाओं के दौरान जानमाल की सुरक्षा एवं बचाव कार्यों के लिए 2 एयर एम्बुलेंस का होना अवश्यक बताया गया। जिस पर निर्णय लिया गया है कि दोनों ही मामलों में भारत सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजे जायेंगे। 

बैठक में एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैययद अता हसनैन एवं राजेन्द्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने विगत दिनों जनपद चमोली के ऋषिगंगा-धौलीगंगा में आई आपदा के अध्ययन हेतु अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम के मध्यनजर दो टीमों का गठन किया है। जिसके तहत प्रत्येक टीम में 9 सदस्यों को रखा गया है। जो 25 मार्च को देहरादून से रैणी गांव के लिए रवाना होंगे तथा वहां पर एक सप्ताह तक रूकने के बाद आपदाग्रस्त क्षेत्र का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार और भारत सरकार को प्रस्तुत करेंगे। 

विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों के अध्ययन के लिए जा रहे दोनों टीमों के सदस्यों को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से समस्त सुविधाएं एवं संसाधन मुहैया कराये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा की चुनौती से निपटने के लिए शीघ्र ही ठोस रणनीति तैयार करेगी तथा राज्य के 500 संवेदनशील गांवों के पुनर्वास हेतु दीर्घकालीन योजना बनाई जायेगी। 

बैठक में एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट सैययद अता हसनैन, राजेन्द्र सिंह, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (यू.एस.एम.ए) आनंद श्रीवास्तव, डा. पीयूष रौतेला तथा विभागीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। 
 

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