Home Raibaar Summit देहरादून में बन रहे सैन्यधाम का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत होगा – गणेश जोशी
Raibaar Summit

देहरादून में बन रहे सैन्यधाम का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत होगा – गणेश जोशी

ऋषिकेश में आयोजित रैबार कार्यक्रम में बोले उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, हमने संकल्प लिया है कि हम उस सैन्यधाम का नाम हमें अचानक छोड़कर चले गए उत्तराखंड के इस वीर के नाम पर होगा। जनरल बिपिन रावत के नाम पर उस सैन्य धाम का नाम होगा।

उत्तराखंड सरकार देहरादून में बन रहे सैनिक धाम का नाम स्व. सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखेगी। उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने ऋषिकेश में आयोजित रैबार कार्यक्रम में सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अभी तक हमारे उत्तराखंड से 1734 शहीद हुए हैं, उनके घरों से पवित्र मिट्टी को लेकर हम देहरादून आए हैं और उस पवित्र मिट्टी से हम सैन्य धाम का निर्माण कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अभी 20 तारीख को वहां उस मिट्टी से उसका पूजन किया था और हमने संकल्प लिया है कि हम उस सैन्यधाम का नाम हमें अचानक छोड़कर चले गए उत्तराखंड के इस वीर के नाम पर होगा। जनरल बिपिन रावत के नाम पर उस सैन्य धाम का नाम होगा।

गणेश जोशी ने कहा कि देश की सीमा पर रक्षा करने वाला हर पांचवा सैनिक हमारे उत्तराखंड से होता है। चाहे फर्स्ट वर्ल्ड वार हो, चाहे सेकेंड वर्ल्ड वार हो, चाहे 62 हो, 65, 71 हो कारगिल हो, पुलवामा हो, गलवान हो, संसद पर हमला हो, चाहे 26/11 में ताज पर आतंकी हमला हो, कोई न कोई जवान हमारे उत्तराखंड से शहीद होता है। अभी हाल ही में 7 जवान हमारे यहां से शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा, हमारे नौजवान सेना में भर्ती होना चाहते हैं, क्योंकि हमारे उत्तराखंड के लोगों की हाइट कम हुआ करती थी। मैं जनरल बिपिन रावत के पास गया, उस समय मैं एमएलए था। साल 2016-2017 की बात होगी। आज उत्तराखंड के नौजवानों को सेना में भर्ती होने की 5 सेंटीमीटर की जो छूट मिली है, वह जनरल बिपिन रावत के कारण मिली है, मैं उनको नमन करता हूं, प्रणाम करता हूं।

उन्होंने सीडीएस जनरल बिपिन रावत से जुड़ा एक और किस्सा साझा करते हुए कहा, एक बार मैंने जनरल साहब से कहा कि हमें बीआरओ दे दो। तो जनरल साहब कहने लगे कि गणेश मैं बीआरओ तो ऐसे ही दे दूंगा, तुम एक काम करो। तुम मुझसे एक टीए की पलटन, यहां के लिए मांगों और एक कुमाऊं के लिए, मैं तुम्हें दोनों दे दूंगा। 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा और हमारे बॉर्डर भी सुरक्षित रहेंगे। ऐसा महान व्यक्तित्व जनरल रावत का था। कई घटनाएं हैं, बहुत लंबी लिस्ट हो जाएगी। आज तो मैं मिनिस्टर बन गया हूं, जब मैं उनसे पहली बार मिला था तब मैं एमएलए था। कभी भी उन्होंने चीफ की कुर्सी पर बैठकर मुझसे बात नहीं की, हमेशा अलग हटकर मुझसे बात करते थे। हम सैन्यधाम बना रहे हैं, मैं उनके पास गया, मैंने कहा, जनरल साहब हमें सैन्यधाम के लिए टैंक चाहिए, वेसल्स चाहिए, आर्टिगंस चाहिए और 25 दिन के अंदर सारा का सारा समान सेंक्शन दिया। आधे से ज्यादा समान हमारे सैन्यधाम के लिए आ गया है।

गणेश जोशी ने कहा कि जब मुझे उनके साथ हुए हादसे की खबर मिली तो मैं एक पारिवारिक कार्यक्रम में था, सुदंर कांड चल रहा था, जैसे ही मुझे पता चला, मैं बार-बार प्रभु से प्रार्थना कर रहा था कि जनरल साहब बच जाएं लेकिन शायद यह ऊपर वाले को मंजूर नहीं था। अच्छे लोगों की शायद वहां भी जरूरत होती है और जब मैं उनके घर गया श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए तो उनके आवास पर जो दृश्य मैंने देखा, शायद बड़े-बड़े राजनेता के सम्मान में इतनी बड़ी संख्या में लोग नहीं पहुंचते। पूरी दिल्ली की सड़कें भरी हुई थी, लाइन लगी हुई थी। मैं तो टाइम से पहुंच गया था। सीएम साहब भी 11 बजे पहुंच गए थे। उसके बाद दिन भर तांता लगा रहा। ऐसा व्यक्तित्व आज हमें छोड़ कर चला गया है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

उत्तराखंड का ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर बहुत अहम, आगे के लिए हैं कई योजनाएं तैयार

अनिल धस्माना, प्रमुख एनटीआरओ नेशनल टेक्नीकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) ने भारत का...

सैन्यधाम का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर होगा

गणेश जोशी, सैनिक कल्याण मंत्री, उत्तराखंड मैं जब भी दिल्ली जाता था...

ऑर्गेनिक फॉर्मिंग में उत्तराखंड ने हासिल किए उम्दा लक्ष्य

सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री, उत्तराखंड देश के महायोद्धा, मजबूत इंसान,...

‘नंबर वन’ राज्य सवा करोड़ लोगों का सामूहिक लक्ष्य, मिलकर हासिल करेंगे

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड रैबार के जरिये हम सभी को मां...